ड्रैगन फ्रूट के फायदे, BENEFITS OF DRAGON FRUIT

ड्रैगन फ्रूट के फायदे :



दोस्तों ड्रैगन शब्द सुनते ही ऐसा लगता है जैसे यह किसी जानवर का नाम हो , या फिर ड्रैगन का नाम सुनते ही ध्यान जाता है चीन की आर्मी की तरफ मगर ऐसा कुछ नहीं है दरअसल ड्रैगन एक तरह  का फल होता है जिसके बारे में काफी काम लोग जानते है , ड्रैगन फ्रूट स्वास्थ्य और शरीर के लिए काफी लाभकारी होता है , 
ड्रैगन फ्रूट एक गुलाबी रंग का चमकदार फल होता है जिसका वजन लगभग 200 ग्राम से 400 ग्राम तक होता है , यह फल खाने में बहुत ही स्वादिस्ट होता है और रशभरा होता है , यह फल ज्यादातर गर्मियों में खाया जाता है क्योकि यह एक सीजनल फल है जो जुलाई से अक्टूबर  के बीच ज्यादातर मिलता है , इस फल में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स , विटामिन्स, प्रोटीन , केल्सियम आदि तत्व पाए जाते है जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद और जरूरी है , 
वैसे तो इस फल के अनगिनत फायदे है लेकिन फिर भी हम यह पर आपको इसके कुछ मुख्य फायदों के बारे में बताते है ,

वजन घटाने में कारगर :

जो लोग तेजी से अपना वजन काम करना चाहते है उनके लिए ड्रैगन फ्रूट बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है , इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है , साथ ही साथ इसका 90 प्रतिशत हिस्सा पानी होता है जो की वजन घटाने में कारगर सिद्ध होता है , 

कोलोस्ट्रोल को कम करता है :
 कोस्टरोल की समस्या आज कल बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से और भी कई बीमारी जन्म ले लेती है और हार्ट अटैक इनमे से प्रमुख है , ड्रैगन फ्रूट कोलोस्ट्रोल को कम करने में मदद करता है और इसे बढ़ने नहीं देता , ड्रैगन फ्रूट के बीजो में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 और ओमेगा 6 और साथ ही फैटी एसिड भी भरपूर मात्रा में  पाया जाता है जिसके कारन यह कोलोस्ट्रोल को कम करता है और इसे शरीर में बढ़ने नहीं देता , 

कैंसर  में लाभकारी : 
ड्रैगन फ्रूट के अंदर पाए जाने वाले क्रब्स कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते है , इसमें इसके खाने से कैंसर जैसी बीमारियों में आराम मिलता है , 

हड्डियों के लिए फायदेमंद :
ड्रैगन फ्रूट में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है , ड्रैगन फ्रूट के 200 ग्राम या एक फल खाने से शरीर को 17.6 मिलीग्राम तक कैल्शियम मिलता है जिसकी वजह से हड्डिया मजबूत हो जाती है , हड्डियों के दर्द की समस्या ख़तम हो जाती है और शरीर स्वस्थ रहता है , 

गर्भवस्था के दौरान खाने के फायदे :
 ड्रैगन फ्रूट में आयरन  भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसलिए यह शरीर में खून की कमी को नहीं होने देता इसलिए गर्भावस्था के दौरान इसे जरूर खाना चाहिए , इसके खाने से शरीर में ब्लड सेल्स बढ़ते है , 
साथ ही साथ इसमें फाइबर और कार्बोहइड्रेट भी अच्छी मात्रा में पाया जाते है जो गर्भावस्था के दौरान महिला को एनर्जी देते है और पाचन क्रिया भी ठीक करता है , 

ब्लड शुगर कम करने में सहायक :
ड्रैगन फ्रूट में ऐसे कई सरे तत्व मौजूद है जो ब्लड शुगर को होने से रोकते है और साथ ही साथ बढ़े हुवे ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते है , 


What Is Dragon Fruit? Benefits, Flavor, And How To Eat It


हैदराबाद के कुकटपल्ली में रहने वाले 35 वर्षीय डॉ. श्रीनिवास राव माधवराम पिछले चार सालों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। उन्होंने साल 2016 में अपने ‘डेक्कन एग्जोटिक्स फार्म’ की नींव रखी थी और आज इससे वह अपना करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं।

एक डॉक्टर होने के बावजूद, राव ने खेती में अपना हाथ आजमाया। इसके पीछे वजह थी उनके परिवार का खेती से गहरा जुड़ाव। वह बताते हैं कि जब वह स्कूल में थे तब कुकटपल्ली हैदराबाद का एक गाँव हुआ करता था और यहाँ तब कोई इमारत तक नहीं बनी थी। उनके दादाजी गाँव में खेती किया करते थे और डॉ. राव के पिता उनकी मदद करते थे।

“मेरे पापा अपने पिता के साथ खेत में खूब काम करते थे। उनका दिन खेत में काम करने से शुरू होता और फिर वह सुबह-सुबह सभी सब्ज़ियाँ हैदराबाद की मार्किट में बेचने के लिए जाते। वहां से अपने कॉलेज जाते और फिर आकर खेतों की देखभाल करते। पढ़ाई के बाद भले ही उन्होंने रेलवे कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कर दिया पर खेती के प्रति लगाव कम नहीं हुआ,” ।

जिज्ञासा से शुरू हुआ खेती का सफर
करियर में सफल होने के बावजूद अपने पिता की तरह दोनों भाई अपनी जड़ों से जुड़े हुए थे और खेती से संबंधित कुछ करने की चाह उनके दिल में थी। पर तब तक उन्होंने कुछ तय नहीं किया था कि वह इस क्षेत्र में क्या काम करेंगे।

डॉ. राव के मुताबिक उनकी खेती का सफ़र एक जिज्ञासा से शुरू हुआ। उन्होंने पहली बार ड्रैगन फ्रूट साल 2016 में देखा। उनके भाई एक पारिवारिक आयोजन के लिए ड्रैगन फ्रूट लेकर आए थे।

डॉ. राव बताते हैं, “मुझे तब पता चला कि यह एक ही फल 200 से 250 रुपये में मिलता है। देखने में भी बहुत सुंदर था पर जब मैंने इसे खाया तो मुझे इसका स्वाद बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। मुझे बहुत जिज्ञासा हुई कि आखिर इस फल को कैसे उगाते हैं, इतना महंगा बिकता है और कहाँ से आता है? तब मैंने इस पर रिसर्च शुरू की।”

उन्हें पता चला कि ड्रैगन फ्रूट उगाने वाले भरत में बहुत ही कम किसान हैं और वे भी सिर्फ दो तरह के ड्रैगन फ्रूट उगाते हैं, जबकि इसकी सैकड़ों प्रजातियां हैं।

ड्रैगन फ्रूट के बारे में पढ़ने और जानने के बाद उन्होंने तय किया कि वह इसी की खेती करेंगे।

काँटों भरी थी राह, पर हिम्मत नहीं हारी
ड्रैगन फ्रूट उगाने के पक्के इरादे को साथ लिए डॉ. राव ने सबसे पहले महाराष्ट्र के एक किसान से 1000 ड्रैगन फ्रूट के पौधे खरीदे, लेकिन उनमें से 30% पौधे भी नहीं बचे क्योंकि वे पौधे अच्छे नहीं थे।

इसके बाद उन्होंने कोलकाता की कुछ नर्सरियों का दौरा किया और ड्रैगन फ्रूट के पौधे के बारे में जानने की कोशिश की। पर वहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी क्योंकि नर्सरी वालों का कहना था कि वह सिर्फ पौधे मंगवाते हैं ताकि बेच सकें। इसके अलावा क्या वैरायटी है, उगेगी या नहीं, कैसे ध्यान रखना है, यह सब पूछना उनका काम नहीं है।

और शुरू हो गयी ड्रैगन फ्रूट की खेती
भारत लौटकर डॉ. राव ने संगारेड्डी में खाली पड़ी अपनी ज़मीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। उन्होंने खुद अपने पौधे तैयार किए, जिसमें उन्हें IIHR तुमकुरु से काफी मदद मिली। उनका खेत 30 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें से 12 एकड़ में उनकी ड्रैगन फ्रूट की खेती है और 6-7 एकड़ में उन्होंने अपनी नर्सरी बनाई हुई है। बाकी ज़मीन ड्रैगन फ्रूट पर रिसर्च के लिए इस्तेमाल होती है।

डॉ. राव ने 12 एकड़ में लगभग 30 हज़ार ड्रैगन फ्रूट के पेड़ लगाएं हैं, जिनसे उन्हें 10 टन प्रति एकड़ उपज मिलती है। वह कहते हैं कि ड्रैगन फ्रूट की खेती अगर आप बीज से शुरू करते हैं तो आपको 4 से 5 साल में फल मिलने लगते हैं लेकिन अगर आप कलम या फिर पौध से शुरू करते हैं तो आपको 1-2 साल ही लगते हैं।
ड्रैगन फ्रूट को मार्च से जुलाई तक बोया जा सकता है। मैच्योर होने के बाद यह जुलाई से अक्टूबर तक फल देता है। सबसे अच्छी बात यह है कि एक बार लगने के बाद एक ड्रैगन फ्रूट का पेड़ आपको 20 साल तक फल देता है और इसकी देख-रेख भी काफी कम करनी पड़ती है।

“इसे पानी भी कम ही चाहिए होता है। जितना पानी आपको एक बीघा धान उगाने के लिए चाहिए, उतने पानी में आप 10 एकड़ में ड्रैगन फ्रूट उगा सकते हैं। इसकी जड़ों को बस नमी चाहिए और बाकी ऊपर तने और फूलों को अच्छी धूप। वैसे तो इसका फ्रुटिंग सीजन जुलाई से अक्टूबर में है लेकिन आर्टिफिशियल तरीकों से हम ऑफ-सीजन में भी फल ले सकते हैं। इसके लिए आपको बस अपने खेत में थोड़ी लाइटिंग करनी होगी,” डॉ. राव ने बताया।



मार्केटिंग के बारे में अगर बात करें तो भारत में इसकी काफी मांग है। खासकर कि फिटनेस के पार्टी जागरूक लोगों के बीच। डॉ. राव कहते हैं कि सीजन में वह 150 रुपये किलो में अपने ड्रैगन फ्रूट की बिक्री करते हैं और ऑफ सीजन में यह 200 से 250 रुपये किलो बिकता है। वहीं इस बार लॉकडाउन के दौरान लोगों ने 300-400 रुपये किलो भी इसे खरीदा है।


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“मुझे बाहर के देशों से भी बहुत से लोग और एक्सपोर्टर संपर्क करते हैं लेकिन मैं एक्सपोर्ट नहीं करता क्योंकि मुझे अपने देश में ही इस बेचना है और लोगों को इसके बारे में जागरूक करना है,” उन्होंने कहा।

नर्सरी और प्रोसेसिंग से भी है कमाई
ड्रैगन फ्रूट की खेती के अलावा, वह IIHR तुमकुरु के मार्गदर्शन में नर्सरी भी तैयार करते हैं। उनके मुताबिक जैसे-जैसे लोगों में जानकारी बढ़ रही है, बहुत से किसान इसमें अपना हाथ आज़माना चाहते हैं। इसलिए वह कमर्शियल तौर पर ड्रैगन फ्रूट के पौधे बेचते हैं। उनका एक पौधा 70 रुपये का है। इसके साथ वह किसान को ड्रैगन फ्रूट लगाने से लेकर, कैसे इसकी देखभाल करें और कैसे इसे मार्किट में सीधा ग्राहकों को बेचें- इस सबमें मदद करते हैं। वह किसानों को मुफ्त में ट्रेनिंग भी देते हैं।

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