work from home , फ्री में ट्रैनिग भी मिलेगी और काम भी NO INVESTMENT BUSINESS IDEA

 दोस्तों कहते है न जहा चाह वहा राह यानि के जब आप सच में कुछ करना चाहते है तो रस्ते अपने आप निकलने लगते है , आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स एक ऐसी ही हस्ती के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से उस चीज़ से करोड़ो का व्यापर खड़ा कर दिया जिसे लोग कचरा समझ कर फेक देते है , और आज वो अपने साथ साथ और भी बहुत से गरीब परिवारों और जरूतमंदो को काम सीखा रहे है और उन्हें भी अपने साथ काम में लगा रहे है , 

दोस्तों हम बात कर रहे है हमारे होनहार और कुछ नया करके दिखाने वाले हितेंद्र रामी की ....



गुजरात के बनासकाठा जिले में स्तिथ अम्बा जी का मंदिर देश बहार में प्रसिद्ध है , लगभग 1200 साल पुराने इस मंदिर में देश बहार से हर साल लाखो करोड़ो श्रद्धालु आते है और पूजा आरधना करते है , लोगो कि सर्धा और आस्था के साथ साथ ये मंदिर गुजरात कि खास विरासत में भी स्थान रखता है,

यहां लोग अपनी आस्था प्रकट करने के लिए पूजा सामग्री लेकर आते है इसी से हर साल मंदिर से लाखो टन कचरा भी निकलता है , इस मंदिर में भेट चढ़ी चीज़ो में नारियल ,के छिलके चुनरी , बचा हुआ प्रसाद , फूल और आदि सामग्री शामिल होती है , 

ऐसे में यह कचरा मंदिर से निकलकर डंपयार्ड या फिर लैंडफिल पहुँचता है , इससे प्रकर्ति को बहुत नुकसान पहुँचता है , 

    जहा हम 99 प्रतिशत लोग इसे बारे में कभी सोचते भी नहीं और इसे कचरा समझ लेते है व्ही हितेंद्र रामी जी पिछले 20 सालो से यह सुनिश्चित कर रहे है कि मंदिर से निकलने वाले कचरे को एक नया रूप मिले , कोई जो हमे कचरा नजर आताहै व्ही हितेंद्र रामी जी को इसमें व्यवसाय नजर आया ,  

साल 1998 से अम्बा जी मंदिर के बिलकुल बहार हितेंद्र रामी जी की दुकान है जहा आज वो 2000 से भी ज्यादा हेंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स बेचते है , और ये सारे प्रोडक्ट ये खुद ही अपने कारखाने में बनांते है , और सबसे कमाल की बात ये है की ये सभी प्रोडक्ट्स  मंदिर से निकले कचरे को रीसायकल करके बनाये जाते है , 

इनकी दुकान में आपको 50 रूपये से लेकर 5 लाख रूपये तक का सामान मिलेगा और ये सब कचरे से तैयार हुआ है , और इस काम को कर दिखाया है श्री हितेंद्र रामी जी ने , 

बात करते हुए श्री हितेंद्र रामी जी ने बताया की वैसे तो वो मूल रूप से मेहसाणा के रहने वाले है जहा वो गार्डन मेनेजमेंट का काम करते थे , अम्बा जी के इस मंदिर में उन्हें बहुत सर्धा थी इसलिए वो जब भी कहि बहार जाते थे तो पहले इस मंदिर में दर्शन करने जाते थे , 

और उनकी इसी आदत ने एक दिन उन्हें नया आईडिया दिया , बात साल 1997 की है रामी जी अपने एक प्रोजेक्ट से पहले यहां दर्शन करने आये थे और जब वो दर्शन करके बहार निकल रहे थे तो अचानक एक नारियल का छिलका उनके पैर से आकर टकराया , और जैसे ही वह नारियल का छिलका उनके पैर में आकर लगा तो उनके मन में तुरंत ख्याल आया की लोग इसे कचरा समझ कर फेक देते है इसे कुछ काम में क्यों नहीं लेते , 

इसके बाद उन्होंने कहा की जो दुसरो को कचरा लगता है में उसी से अपना कारोबार बनाऊंगा ऐसा उन्होंने अपने मन में थान लिया , 

इसके लिए उन्होंने सबसे पहले बेसिक रिसर्च की वे नारियल के छिलके को कैसे इस्तेमाल में ला सकते है और इससे क्या क्या प्रोडक्ट बना सकते है , उन्होंने कुछ ही दिनों में ये सब समझ लिया और इसके बाद उन्होंने इस छिलके से हेंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट बनाने शुरू किये और अम्बा जी मंदिर के सामने अपनी दुकान खोल ली जिसे उन्होंने नंदवन का नाम दिया , 


आज वो नारियल के छिलको से बहुत ही कमल के और आकर्षक हेंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट बनांते है जैसे चप्पल ,सजावट के कई सारे सामान जैसे झूमर , और इसी नारियल के छिलके से वो बहुत ही सुन्दर मुर्तिया भी बनाते है , आपको इनकी दुकान में 5 फिट से लेकर 12 फिट तक गणपति की मुर्तिया मिल जाएंगी जोकि नारियल के छिलके से बनी हुयी है , 


अपने व्यवसाय को शुरू करने से पहले उन्होंने सबसे पहले नारियल विक्रेताओं से बात की कि वे नारियल के बचे हुवे छिलके उन्हें दे दे , इससे उन्हें दो फायदे हुवे एक तो उन्हें नारियल के छिलके फ्री में मिल जाते थे और दूसरा नारियल व्यापारियों के यहां से कचरा ( नारियल के छिलके ) हटाने के पैसे भी देते थे , फिर धीरे धीरे उन्होंने मंदिर प्रशासन से भी बात की और वहा से भी इन्हे कचरा इकठ्ठा करने का काम मिल गया , आगे रामी जी ने बताया की मेरे व्यवसाय के लिए कच्चा मॉल तो तैयार था अब बस मुझे इनसे ऐसे प्रोड्कट बनाने थे जो आकर्षक हो और उनसे प्रकर्ति को भी कोई नुकसान न पहुंचे , 



एक बार जब नारियल के साथ उनका प्रोयग ,एक्सपेरिमेंट सफल रहा तो उन्होंने अन्य चीज़ो जैसे धवजा ,फूल ,चुनरी ,प्रसाद से बचे फूल आदि को भी रीसायकल करके प्रोडक्ट बनाने शुरू किये , आज भारत के साथ साथ उनकी दुकान का नाम विदेशो में भी फैला हुवा है , और लगभग 400 परिवारों के लोग रेगुलर तोर पर उनके साथ काम करते है ,

इसके आलावा समय समय पर उनसे और भी नए नए कारागार जुड़ते ही रहते है , 

AMBAJI MANDIR GUJRAT 

image credit goes to flickr.com and kaushik patel


हितेंद्र रामी जी बताते है की उनका काम करना का एक ही लक्ष्य था की वो जो भी का शुरू करे उससे लोगो को रोजगार मिले , इसलिए वेस्ट इकठा करने से लेकर प्रोडक्ट्स तैयार करने तक उन्होंने अम्बाजी मंदिर के आस पास के गांव के लोगो को और खाशकर महिलाओ को अपने साथ जोड़ रखा है , 

हितेंद्र रामी जी ने गांव गांव जाकर लोगो को ट्रेनिंग दी और फिर उन्हें घर में ही रहकर काम करने को कहा , हितेंद्र रामी जी उनके यह कच्चा मॉल पहुंचते है और फिर वो लोग मॉल तैयार करके हितेंद्र रामी जी की दुकान यानि नंदवन पर पहुंचा देते है , यहां पर सभी कारीगरों को उनके काम के हिसाब से पैसे मिलते है और प्रति प्रोडक्ट के हिसाब से पैसे मिलते है , उनसे जुड़ा हर एक परिवार हर महीने अपने घर स ही काम करके 10 से 12 हज़ार रूपये कमा लेता है , बाकि सीज़न और काम के हिसाब से उनकी आय भी घटती बढ़ती रहती है , 

रामी जी ने बताया की उनकी वाल्लेस फैक्ट्री है , क्योकि उनके साथ रहने वाले लोग अपनी सुविधा के अनुसार अपने घरो में ही रह कर काम करते है , इससे उनके आने जाने का किराया तो बचता ही है और दूसरा वो अपने परिवार वालो के साथ मिलकर काम करते है तो आय पर भी फर्क पढता है , आय ज्यादा होती है , इस तरह रामी जी कहते है की उनका कांसेप्ट वशुदेव कुटुंबकम का है , 


आज हितेंद्र रामी जी इतने प्रशिद्ध हो गए है की उन्हें देश भर की सरकारी और निजी संस्थाओ द्वारा ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है , अब तक रामी जी ने लगभग 18 हज़ार से ज्यादा लोगो को ट्रेनिंग दी है और उनका स्टार्टअप शुरू करने में उनकी मदद की है , आज हितेंद्र रामी जी का सालाना टर्नओवर करोड़ो में है , 


और अंत में बात करते हुए श्री हितेंद्र रामी जी ने इतना ही कहा की किसी भी इंसान को काम करने की लगन और तमन्ना होनी चाहिए , हमारे देश के हर हिस्से में मंदिर , गुरुद्वारा , चार्च , मस्जिद , और अन्य तरह के धार्मिक स्थल है , इन जगह पर हर हर दिन न जाने कितने लोग क्या क्या चढ़ाते है , और यहां पर एक बार चढ़ने के बाद यह सब वेस्ट हो जाता है , आपको बस एक थोड़ी सी अलग सोच और लगन की जरुआत है , आप अपने गांव और शहर में ही अपना व्यवसाय शुरू कर सकते है , 

और अंत में श्री हितेंद्र रामी जी कहते है की यदि कोई सच में पूरी लगन से ये काम करना चाहता है और उसे मेरी किसी तरह से मदद की जरुआत पड़े तो मुझे बिना संकोच किये संपर्क करे , 


दोस्तों दुनिया में ऐसे बहुत ही कम लोग होते है जो अपने बिज़नेस के बारे में किसी को बताते है और उन्हें भी कम करने की प्रेरणा देते है , धन्य है ऐसे लोग , 

आप श्री हितेंद्र रामी जी से इस नंबर पर संपर्क कर सकते  है ,  9408729910 . 


नोट : दोस्तों आप सभी से रिक्वेस्ट है की सिर्फ 10 बजे से 5 बजे के बीच में ही कॉल करे , और बार बार कॉल न करे , हितेंद्र जी बहुत ज्यादा बिजी रहते है , हो सके तो आप इन्हे whatsapp msg या text msg करके छोड़ दे , जैसे ही सर को समय लगेगा वो आपको जवाब देंगे , 

धन्यवाद 


फ्री में ट्रैनिग भी मिलेगी और काम भी 



Comments

Popular posts from this blog

भारत की इस एकमात्र फ़ूड कंपनी के साथ जुड़कर कीजिए लहसुन पैकिंग का काम वेतन 87000 रूपये महीना

भारत की इन 4 बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर घर बैठे करे BLUE TEA (नीली चाय) ग्रीन कॉफ़ी , और GREEN TEA की पैकिंग का काम हर महीने मिलेगा १ लाख रूपये

घर बैठे करे पैकिंग का काम कमाए लाखो रूपये महीना , पॉपकॉर्न कंपनी दे रही है मौका